जाकिर नाईक के बचाव में उतरा दारुल उलूम देवबंद, कहा- इस्लाम को बदनाम करने का षड्यंत्र

 
जाकिर नाईक के बचाव में उतरा दारुल उलूम देवबंद, कहा- इस्लाम को बदनाम करने का षड्यंत्र
सहारनपुर/देवबंद।  दारुल उलूम से जुड़े पदाधिकारी व उलेमा-ए-कराम ने केंद्र सरकार पर निशाना बनाते हुए डॉ जाकिर को बिना किसी जांच के ही दोषी ठहराए जाने को गलत बताया है। दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना खालिक मद्रासी और जमियत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह बात कही।

उन्होंने कहा कि डॉ़ जाकिर के साथ उनके वैचारिक मतभेद भले ही हों, लेकिन वह एक इस्लामिक विद्वान हैं और वह कुरान की व्याख्या अपने ढंग से करते हैं। वह किसी दहशतगर्दी का समर्थन नहीं करते हैं। केंद्र सरकार और कुछ संगठन जानबूझ कर उनके खिलाफ जांच से पहले ही बवंडर खड़ा कर इस्लाम को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रहे हैं।

मौलाना खालिक मद्रासी और अरशद मदनी ने कहा कि डॉ. जाकिर की दुनियाभर में इस्लामिक विद्वान के रूप में पहचान है। दारुल उलूम ने उनके नजरियात पर जो फतवे जारी किए थे उसे कुछ संगठन गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और इसे उनके खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो गलत है। संस्था ऐसे संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी

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