भारतीय राजनीति में नेशनल वूमेंस पार्टी का आगाज

 
भारतीय राजनीति में नेशनल वूमेंस पार्टी का आगाजसादिक़ जलाल, नई दिल्ली।  देश की राजनीति में एक नया परिवर्तन आकार ले रहा है और देश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसा भारतीय राजनीतिक दल स्थापित हो रहा है जो कि पूरी तरह से महिलाओं द्वारा महिलाओं को समर्पित है। भारतीय राजनीति के केंद्र बिन्दु, नई दिल्ली में आज इसी परिवर्तन को समर्पित एक नए राजनीतिक दल नेशनल वुमेन्स पार्टी का आगाज हुआ। नवगठित नेशनल वुमेन्स पार्टी (एनडब्ल्यूपी) का नेतृत्व 36 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों के लिए सक्रिय डॉक्टर श्वेता शेट्टी कर रही हैं, जिन्होंने घोषणा की कि यह “भारतीय संसद में समान प्रतिनिधित्व की गारंटी“ के मिशन में “ऐतिहासिक“ कदम साबित होगा। हैदराबाद में जन्मी और पली बढ़ी डॉ श्वेता एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
डॉ श्वेता का कहना है कि नेशनल वुमेन्स पार्टी का लक्ष्य महिलाओं को, विशेष रूप से वंचित महिलाओं को प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान करना है। ये वे महिलाएं हैं जो कि मौजूदा सिस्टम के हाथों पीड़ित हैं। ये वो लोग हैं जो अपने जीवन को बेहतर बनाने की उम्मीद में एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर एक नेता से दूसरे नेता, एक बाबू से दूसरे बाबू तक चक्कर मारते हैं और उन्हें कुछ भी नहीं मिलता है और वो सब महिलाएं जो घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं या सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं, उन सभी महिलाओं के हक के लिए ये पार्टी संसद में जाने के इरादे से बनाई गई है।
नेशनल वुमेन्स पार्टी की विचारधारा महिलाओं को कमजोर समझ कर उन्हें हौंसला देना नहीं बल्कि एक ऐसा वातावर्ण तैयार करना है जहां महिलाएं हर स्तर पर समान अधिकार रखती हैं, चाहे वह समुदाय, समाज या कार्यस्थल पर हों। एनडब्लूपी के गठन के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए डॉ. श्वेता ने कहा कि नेशनल वुमेन्स पार्टी के लिए वास्तविक तौर पर जमीनी स्तर पर काम 2012 में शुरू हो गया था और आज 2018 मे हम इस पार्टी के साथ आज देश की राजनीति मे एक नई क्रांति के लिए तैयार खड़े हैं। हमारा पहला उद्देश्य लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त करना है।
डॉ. श्वेता ने बताया कि तेलंगाना राज्य में एक गैर सरकारी महिला संस्था तेलंगाना महिला समिति के साथ कार्य करते हुए उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को नजदीक से जाना और समझा और महसूस किया की अगर आपको सिस्टम बदलना है तो आपको सिस्टम  का हिस्सा बनना पड़ेगा तभी बदलाव संभव है और इसी सोच ने महिलाओं के लिए उनकी अपनी राजनीतिक पार्टी विचारधारा को जन्म दिया जिसके फलस्वरूप आज नेशनल वुमेन्स पार्टी का गठन संभव हुआ है। उन्हे लगा कि महिला कल्याण और विकास के लिए कानूनों में संशोधन करने के लिए उन्हें संसद में उच्च भागीदारी की जरूरत है। और वो तभी संभव है जब महिलाओं को भारतीय राजनीति में और संसद में प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा।
पार्टी के लॉंच होने से पहले ही एनडबल्यूपी को तेलंगाना महिला समिति के 1.45 लाख महिला सदस्यों का समर्थन मिला और पार्टी के लॉन्च होने के बाद देश भर में पार्टी के सदस्यों की संख्या बढ़ेगी। जब उनसे पूछा गया कि वह किसी राजनीतिक संगठन के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश क्यों नहीं करना चाहतीं, तो उन्होंने कहा कि “हम अपनी पहचान को संरक्षित करना चाहते हैं“ और यह दर्शाता हैं कि महिलाओं को शिक्षित किया जा सकता है, वे नेता बन सकती हैं और “स्वतंत्र रह सकती हैं।“ “हर महिला पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल, आर्थिक स्थिरता चाहती है और कोई महिला बलात्कार या यौन उत्पीड़न को सहन नहीं कर सकती है।“

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