न्याय स्कीम पर बोले नीति आयोग उपाध्यक्ष- चुनाव जीतने के लिए चांद का वादा कर देती है कांग्रेस

 
न्याय स्कीम पर बोले नीति आयोग उपाध्यक्ष- चुनाव जीतने के लिए चांद का वादा कर देती है कांग्रेसलोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया कि यदि जीते तो देश के 20 फीसदी यानी 5 करोड़ गरीबों को प्रति माह 6, 000 रुपये दिये जाएंगे. कांग्रेस ने इसे न्याय यानी न्यूनतम आय योजना का नाम दिया है. हालांकि भारतीय जनता पार्टी इसे कोरा वादा करार दे रही है.
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष के ऐलान के बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की. राजीव ने कहा कि यह योजना कभी लागू नहीं होगी. उन्होंने ट्वीट किया - यह सच है कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस पहले भी लोगों से चांद का वादा कर चुकी है. कांग्रेस अध्यक्ष ने एक स्कीम का ऐलान किया है कि जो राजकोषीय अनुशासन को तोड़ देगा. इससे काम न करने का चलन बढ़ेगा. यह कभी लागू नहीं हो सकता.
राजीव कुमार ने कहा कि मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम जीडीपी का 2 फीसदी और कुल बजट का 13 फसदी होगा. इससे लोगों की असली जरूरतों की पूर्ति नहीं हो सकेंगी. राजीव ने  ट्वीट किया कि कांग्रेस पार्टी ने साल 1971 में गरीबी हटाओ, साल 2008 में ओआरओपी और साल 2013 में चुनाव जीतने के लिए फूड सिक्योरिटी बिल का ऐलान किया था लेकिन इनमें से कोई भी पूरा नहीं कर सकी. ऐसा ही मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम के साथ होगा.
वहीं कांग्रेस ने मंगलवार को न्यूनतम आय को लेकर नया ऐलान किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह जानकारी दी. सुरजेवाला ने कहा कि 72,000 रुपए घर की महिलाओं के खाते में जाएंगे. उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह बताएं कि वह इसके पक्ष में हैं या विरोध में.
सुरजेवाला ने कहा कि, यह कांग्रेस की गरीबी मिटाओ न्याय यात्रा की इस देश में नई शुरुआत है. गरीब से न्याय और गरीब को न्याय- यही है न्याय यानी न्यूनतम आय योजना. प्रेस वार्ता में सुरजेवाला ने दावा किया कि कांग्रेस सरकारों ने स्वतंत्रता के बाद भारत की गरीबी को 70त्न से घटाकर 22त्न कर दिया. उन्होंने कहा कि हम शेष भारत में 22त्न गरीबी को दूर करने के लिए काम करेंगे.

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