शिक्षा की ज्योति से ही मनुष्य के जीवन में रोशनी हो सकती है : लक्ष्य

 
शिक्षा की ज्योति से ही मनुष्य के जीवन में रोशनी हो सकती है : लक्ष्यलखनऊ। लक्ष्य की महिला टीम ने माता सावित्री बाई फुले की जयंती लखनऊ के रूचि खंड में मनाई | जिसमे लक्ष्य की महिला कमांडरों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और माता सावित्री बाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उनको नमन किया तथा  उनके कदमो पर चलकर शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता अभियान को मजबूत करने की सपथ ली |  शिक्षा की ज्योति से ही मनुष्य के जीवन में रोशनी हो सकती है | यह बात लक्ष्य कमांडरों ने अपने सम्बोधन में कही |

शिक्षाज्योति माता सावित्रीबाई फुले ने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर देश में महिलाओ के लिए शिक्षा के द्वार खोले और महिलाओ को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया | उन्होंने शिक्षा को ही जीवन का महत्वपूर्ण सार बताया | अगर मनुष्य  शिक्षित है तो वो जीवन में ऊँचे से ऊँचे लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है अन्यथा वह जीवन भर अंधकार में भटकता रहेगा  और शोषण का शिकार होता रहेगा अर्थात गुलामी की जंजीरो में जकड़ा रहेगा|

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने  तो शिक्षा के महत्व को समझाते हुए शिक्षा को शेरनी के दूध से तुलना की है जिसमे वो कहते  है कि शिक्षा वो शेरनी  का दूध है जो भी इसको पियेगा वो शेर की तरह दहाड़ेगा | उन्होंने अपने तीन मूलमंत्रों में प्रथम मूलमंत्र शिक्षा को ही रखा है | लक्ष्य कमांडरों ने यह बात अपनी चर्चा में कही, गांव-गांव जाकर बहुजन समाज के लोगो को विशेषतौर से महिलाओ  को शिक्षा के महत्व को समझाने की सपथ ली |

लक्ष्य कमांडरों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता अभियान में महिलाये एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती  है और एक बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकती, बहुजन समाज को शोषण से मुक्ति दिला सकती है व्  उनके मानवीय  हक्को के लिए संघर्ष कर सकती है |  उन्होंने कहा कि महिलाओ की इस शक्ति को लक्ष्य टीम ने अच्छे से पहचाना है  और इसीलिए लक्ष्य में महिलाओ को एक मत्वपूर्ण लीडरशिप के लिए तैयार किया जा रहा है और इस क्षेत्र वे बहुजन समाज की महिलाये "लक्ष्य कमांडर"  के रूप में अपनी क़ाबलियत का लोहा मनवाने लगी है| लक्ष्य की महिला कमांडरों ने बहुजन समाज की महिलाओ को  आवाहन करते हुए कहा कि वो इस सामाजिक आंदोलन में आगे आए और अपनी काबलियत की ताकत को दिखाए |

इस कार्यक्रम में लक्ष्य कमांडरों चेतना राव, रागिनी चौधरी, प्रतिभा राव, रचना कुरील,अनीता गौतम, सुमिता संखवार, सरिता भारती, सुमन गौतम, नीलम, सुमन कुस्माकर, जगवती देवी, रंजना रंजन, मालती कुरील, किरन भारती, नन्दा भारती, यशोद्रा,मनीषा निम्बेकर, अंजू चौधरी, विजय लक्ष्मी गौतम चन्द्रावती,आदि ने अपने अपने विचार रखते हुए और लक्ष्य द्वारा चलाई  जा रही सामाजिक क्रांति को देशभर में मजबूत करने जोरदार वकालत की | कार्यक्रम में  लक्ष्य की  महिला कमांडरों में जोरदार आत्मविश्वास झलक रहा था |

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