वसीम रिजवी के बयान का विरोध कर रहे युवकों पर पुलिस ने भांजी लाठियां

 
वसीम रिजवी के बयान का विरोध कर रहे युवकों पर पुलिस ने भांजी लाठियांकानपुर। कथित रूप से आतंक से जोड़ मदरसों को बंद करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करने वाले शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी के खिलाफ कानपुर में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जमकर लाठीयां भांजी। जिसमे कई लोग जख्मी हुए।

ख़बरों के अनुसार, बुधवार को बाकरगंज इलाके में एमएमए जौहर फैन्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने वसीफ रिजवी की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर निकले और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के उन्न्हें प्रदर्शन करनें से रोका, जिस पर झड़प हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई लोगो को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई।

एसोसिएशन के प्रमुख हयात जफर हाशमी ने बताया कि पुतला फूंकने के कुछ देर के बाद बाबूपुरवा पुलिस चौकी प्रभारी पहुंचे और मारना शुरू कर दिया। पुलिस ने लाठी चलाई। हयात ने बताया कि उनके साथ आसिफ कादरी, आरिफ अंसारी को जीप में डालकर कोतवाली ले गए।उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज में जावेद मोहम्मद खान, सैयद शाबान, फहद जावेद, रईस अंसारी राजू, शहनवाज अंसारी आदि को चोट लगी। बाद में बाबू पुरवा पुलिस के खिलाफ एसएसपी को ज्ञापन दिया गया और कांशारीम ट्रामा सेंटर में जाकर मेडिकल कराया।

हयात का कहना है कि कार्यक्रम के संंबंध में 23 जनवरी को उन्होंने पुलिस-प्रशासन को सूचना दे दी थी। इसके बाद ही कार्यक्रम किया। बाबूपुरवा पुलिस का कहना है एसोसिएशन के पास पुतला फूंकने की परमीशन नहीं थी।

उन्होने कहा कि मदरसों पर सवाल उठाने और मदरसा शिक्षा खत्म करने की मांग के बाद अब रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कहा कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने मदरसा शिक्षा पर निराधार और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।

उन्होंने मदरसों को आतंक से जोड़कर बड़ा पाप किया है, इसलिए इन्हें माफी नहीं दी जा सकती। हम इनके बयान की घोर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वसीम रिजवी की गिरफ्तारी की मांग करते हैं।

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