रेप पीड़िता को धमकाना पड़ा महंगा, जमानत खारिज

 
रेप पीड़िता को धमकाना पड़ा महंगा, जमानत खारिज
सुल्तानपुर। दुष्कर्म के केस में जमानत पाने के बाद पीडि़ता को सुलह के लिए धमकाना आरोपी को महंगा पड़ा है। एफटीसी प्रथम पूनम सिंह की अदालत ने पीडि़त पक्ष की मांग पर जमानत पाये आरोपी की बेल निरस्त करने का आदेश दिया है।
मामला गौरीगंज थाना क्षेत्र के वासुपुर गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले आरोपी रविंद्र उर्फ गोविंद के खिलाफ पीडि़ता ने बीते 4 जनवरी की घटना बताते हुए घर में घुसकर छेडख़ानी व दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था ,इस मामले में एफटीसी प्रथम की अदालत से बीते 20 जुलाई को आरोपी रविंद्र को सशर्त जमानत मिली थी। पीडि़ता का आरोप है कि जमानत पाने के बाद बीते 21 अगस्त को आरोपी ने पीडि़ता के घर आकर मारपीट की और दुष्कर्म के केस में सुलह के लिए दबाव भी बनाया। पीडि़ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपी रविंद्र की जमानत निरस्त करने के लिए अदालत में अर्जी दी। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को बेकसूर बताते हुए वादिनी के जरिए जानबूझकर केस दर्ज कराने का तर्क पेश किया। वहीं अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता दान बहादुर वर्मा ने आरोपी को जमानत पर छोड़े रहने पर मुकदमे की कार्यवाही बाधित होने का खतरा बताया।सत्र न्यायाधीश पूनम सिंह ने आरोपी की जमानत निरस्त करने का पर्याप्त आधार पाते हुए पीडि़ता की अर्जी स्वीकार कर ली है।

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