मज़हबी प्रोग्राम के लिए जुटाए फंड से कराई जरूरतमंद की शादी

 
मज़हबी प्रोग्राम के लिए जुटाए फंड से कराई जरूरतमंद की शादीपश्चिम बंगाल के हावड़ा में ईसाल-ए-सवाब कमिटी के लोग एक राजगीर (घर बनाने वाला) की बेटी की शादी में मदद करने के लिए आगे आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजगीर शाहिद मिस्त्री ने एक हादसे में अपनी सारी कमाई गंवा दी लेकिन पहले से आयोजित अपनी बेटी की शादी को वह टालना नहीं चाहते थे। हावड़ा के चंघुराली गांव के ईसाल-ए-सवाब कमिटी के सदस्यों को जब यह जानकारी मिली तो वे शाहिद की मदद को आगे आए।

कमिटी ने फैसला किया कि धार्मिक फंक्शन के लिए जुटाए गए फंड से शाहिद की बेटी की शादी करा दी जाए। बाद में इन्हीं पैसों से बड़ी धूमधाम से शाहिद की बेटी का निकाह हुआ। कमिटी के सदस्यों शेख अमीन और शेख असगर ने न सिर्फ पैसों से मदद की बल्कि शादी अच्छे से हो जाए इसलिए शुरू से अंत तक लगे रहे।


शाहिद मिस्त्री ने एकबार पीरजादा सोभन सिद्दीकी की मीटिंग में हिस्सा लिया था। इस मीटिंग में पीरजादा ने कहा था, 'अगर किसी भी लड़की की शादी रुकती है तो ईसाल-ए-सवाब कमिटी उसकी मदद के लिए आगे आएगी।' शाहिद को यह बात याद थी इसलिए वह कमिटी के पास मदद मांगने गए थे।

कमिटी ने भी उनकी मांग स्वीकार की और उनकी बेटी की शादी कराई। कोलकाता की नखोड़ा मस्जिद के ट्रस्टी नसरीन इमराहिम ने कहा, 'इस्लाम शांति का धर्म है। जिस तरह के कमिटी के बजट में करौती करके शाहिद की मदद की गई है, वह तारीफ के लायक है।' 

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