घर से उठा ले गई थी पुलिस, थर्ड डिग्री दी तो बिगड़ी हालत, अस्पताल में तोड़ा दम

 
घर से उठा ले गई थी पुलिस, थर्ड डिग्री दी तो बिगड़ी हालत, अस्पताल में तोड़ा दमनई दिल्ली। पानीपत के विकास नगर में रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक की शुक्रवार को रोहतक पीजीआई में मौत हो गई। युवक को छह दिन पहले पानीपत सीआईए-2 पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

युवक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे थर्ड डिग्री दी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ गई, उसे पहले पानीपत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।

मौत के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की गुहार लगाते हुए हंगामा किया। एसपी ने खुद पहुंचकर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मृतक राजेश (30) पुत्र रत्न सिंह कश्यक के परिजनों का कहना है कि 9 दिसंबर को पानीपत सीआईए-2 पुलिस एक केस में पूछताछ के लिए राजेश को घर से उठा ले गई थी। 

परिजनों का आरोप है कि वे सीआईए थाने में मिलने पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया और कहा कि सुबह तक छोड़ देंगे। आरोप है कि रात में पुलिस ने राजेश को थर्ड डिग्री दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई तो 11 दिसंबर को आनन-फानन में प्रेम अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

प्रेम अस्पताल में राजेश को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान 14 दिसंबर की रात उसकी मौत हो गई। राजेश की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने घर के बाहर धरना दे दिया और शव लेने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

परिजनों के विरोध के बाद एसपी सुमित कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनका कहना था कि राजेश को गिरफ्तार किया गया था, यदि उसके साथ मारपीट हुई है तो आरोपियों पर कार्रवाई होगी। 

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