बंदरों के साथ खूब खेलता है यह 2 साल का बच्चा!

 
बंदरों के साथ खूब खेलता है यह 2 साल का बच्चा!
नई दिल्ली। दो साल का समर्थ बांगरी भले ही अभी बोल नहीं पाता हो लेकिन लंगूरों के साथ उसकी दोस्ती अनूठी है। आज के जमाने का मोगली समर्थ बंदरों के झूंड से डरता नहीं है और उनके साथ खेलता रहता है। उसका यही अंदाज गांववालों के चर्चा का विषय बन गया है।

कर्नाटक के धारवाड़ गांव के लोगों ने ही उसे मोगली कहकर पुकारना शुरू कर दिया है। मोगली "द जंगल बुक" कार्टून का किरदार था जो जंगलों में ही पैदा हुआ और जानवरों के साथ उसकी बहुत बनती थी।

समर्थ के चाचा बरमा रेड्डी ने कहा कि बंदरों का इस तरह से व्यवहार करना शुरूआत में उनके लिए बहुत अजीब था और ग्रामीणों का डर था कि ये लंगूर बच्चे पर हमला कर सकते है। डर का कारण यह भी था कि उसके माता-पिता दिन के समय पास के क्षेत्र में काम करने जाते थे। लेकिन जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि समर्थ की उपस्थिति में ये लंगूरों का झुंड खुश थे। साथ ही समर्थ भी अपने भोजन में से कुछ हिस्सा उन्हें देने में बहुत खुश होता था।

पहली बार समर्थ से मिलने के बाद ये लंगूर रोज अपने नन्हें दोस्त से मिलने आते थे। बरमा रेड्डी ने कहा की लंगूर का समूह उस दिन के बाद हर दिन समर्थ से मिलने आता है और अगर उनका दोस्त सो रहा होता है तो वह उसे उठा कर उसके साथ कुछ देर मस्ती कर के निकल जाते है। यह नजारा देखने के लिए बहुत से गांव वाले रेड्डी हाउस पहुंच जाते है। लेकिन जब दूसरे बच्चों ने भी बंदरों के साथ खेलने की कोशिश की तो समूह ने उन पर हमला कर दिया।

समर्थ ने अभी तक अच्छे से बोलना भी नहीं सीखा है लेकिन उसे बंदरों की आवाज निकलना आता है। उसकी यह मासूम हरकत देखकर ही ग्रामीणों का मानना है कि वह बंदरों से बात कर सकता है और उनकी बातें भी समझ सकता है।

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