परंपरा ने नाम पर सरेआम दूल्हा-दुल्हन मनाते हैं सुहागरात, गांव वाले वर्जिनिटी करते हैं चेक

 
परंपरा ने नाम पर सरेआम दूल्हा-दुल्हन मनाते हैं सुहागरात, गांव वाले वर्जिनिटी करते हैं चेकनई दिल्ली। शादी के बाद पति पत्नी के हनीमून पर जाना एक रस्म बन चुकी है, वहीँ दूसरी ओर भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां आज भी हनीमून को पाप समझा जाता है। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताया जा रहा है जिसके बारे में सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

भारत में बहुत सारी ऐसी जगहें भी हैं, जहां दूल्हा और दुल्हन को अपनी सुहागरात सबके सामने मनानी पडती है। आपको यह बात पढ़ने में शायद थोड़ा अजीब लगे लेकिन ये बात बिलकुल सच है।
परंपरा ने नाम पर सरेआम दूल्हा-दुल्हन मनाते हैं सुहागरात, गांव वाले वर्जिनिटी करते हैं चेक
दरअसल, भारत में कंजरभाट नामक एक समुदाय है। जहां शादी की पहली रात को लड़का और लड़की को अकेला छोड़ने की जगह पूरा गांव उनके कमरे के पास खड़ा रहता है। दरअसल, वह लोग इस दौरान लड़की की कौमार्य का निरिक्षण करते हैं।
परंपरा ने नाम पर सरेआम दूल्हा-दुल्हन मनाते हैं सुहागरात, गांव वाले वर्जिनिटी करते हैं चेक
गौरतलब है कि यहा इतने पढ़े लिखे लोग होने के बावजूद भी आज तक इस परंपरा को निभाया जा रहा है। अगर लड़की गांव वालों की नजर में वर्जिन साबित हो जाये तो ठीक वरना उसके साथ कुत्तों से भी बुरा सलूक किया जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कंजरभाट समुदाय के लोग भारत में तकरीबन हर जगह मौजूद है। इस नई पीढ़ी में जन्म लेने वाले बहुत सारे कंजरभाट लोग इस कुरीति का विरोध करते हैं।

लेकिन, कोई भी इस परंपरा को रोक पाने में कामयाब नहीं होता। यहां का रिवाज है कि शादी की पहली रात दूल्हा और दुल्हन को एक होटल का कमरा बुक करके दिया जाता है और साथ ही उन्हें संबंध बनाने के लिए सफ़ेद चादर दी जाती है। इस दौरान समुदाय के मुखिया पंचायत लगा कर कमरे के बाहर ही मौजूद रहते हैं।

इस कुरीति में दुल्हन के साथ शारीरक संबंध बनाने से पहले उसको सब गहने और कपडे उतारने को कहा जाता है। क्यूंकि, चादर पर संबंध बनाने के दौरान लड़की का चादर पर खून लगना ही टेस्ट में पास करवाता है। ऐसे मे गहनों से चोट के कारण उस चादर पर खून ना गिर जाए इसलिए उसको सभी वस्त्र और जेवरात उतारने की सलाह दी जाती है। इसी बीच रात को दूल्हा उठ कर कमरे से बहर खड़ी पंचायत को वह सफ़ेद चादर सौंप देता है।

अगर पंचायत को उस चादर में खून के धब्बे मिल जाए तो वह लड़की को गाँव की बहु करार देते हैं और अगर उन्हें वहां खून नहीं मिलता तो लड़की को बुरी तरह से मारा पीटा जाता है और उसको चरित्रहीन साबित कर दिया जाता है। 

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