चैनल की इस दलाली के विरोध में रवीश कुमार आज अपना इस्तीफा क्यों नहीं दे देते?

 
चैनल की इस दलाली के विरोध में रवीश कुमार आज अपना इस्तीफा क्यों नहीं दे देते?नदीम अख्तर
पाले बदल गए लगते हैं। कम से कम आज के लिए। या फिर हमेशा से ही ऐसा ही था!! कारण ये है कि -बुद्धिजीवियों- का लोकप्रिय नरेंद्र मोदी विरोधी चैनल यानी एनडीटीवी इंडिया 2 अक्टूबर को स्वच्छता मिशन LIVE चला रहा है। फ़र्ज़ी बहसें और समुंदर किनारे की रस्मअदायगी सफाई live चल रही हैं। अमिताभ बच्चन से लेकर मंत्री तक भारत की स्वच्छता पे ज्ञान दे रहे हैं।
एनडीटीवी इंडिया के मालिक प्रणव रॉय भी अवतरित हुए हैं, जो अपने चैनल पे अमूमन सिर्फ खास दिन यानी आम बजट के दिन ही दिखते हैं। इससे आप अंदाजा लगा लीजिये कि -बुद्धिजीवियों- का लोकप्रिय चैनल एनडीटीवी इंडिया आज के दिन स्वच्छ भारत मिशन को कितनी अहमियत दे रहा है जबकि सिर्फ राजधानी दिल्ली में ही यमुना से लेकर गली मुहल्लों में गन्दगी का अंबार है। कूड़ा-करकट और बदबू दिल्ली की पहचान बन चुका है। यानी पूरी तरह से हवा हवाई खबर और बहस जिसका ज़मीनी हक़ीक़त से कोई लेना देना नहीं है।

वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार -परस्त- की छवि वाले चैनल यानी India Tv एकदम रिवर्स गियर में है। वह सुबह से ही दिल्ली सीमा तक पहुंच चुके देशभर से आये किसानों को live दिखा रहा है। अपने कई रिपोर्टर्स वहां तैनात कर चुका है और एक मुहिम की तरह किसानों की रैली और उनकी समस्याओं को दिखा-बता रहा है। सरकार ने दिल्ली सीमा सील कर दी है ताकि किसान राजघाट तक ना जा पाएं। किसान और RAF के जवान आमने-सामने हैं। स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। किसानों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को लौटने पे विवश कर दिया है। हालात नाज़ुक हैं। इंडिया टीवी लगातार खबर पर बना हुआ है। Live.
चैनल की इस दलाली के विरोध में रवीश कुमार आज अपना इस्तीफा क्यों नहीं दे देते?
तो देखा आपने! आज की सबसे महत्वपूर्ण खबर यानी किसानों की दिल्ली आयी रैली एनडीटीवी इंडिया पर सिरे से गायब है। जनता के साथ होने का दम भरने वाला चैनल स्वच्छ भारत पर सरकार का PR यानी पब्लिक रिलेशन कर रहा है। चैनल का मालिक खुद बैठा है। देश भर से आये किसानों की समस्या इनके लिए मायने नहीं रखती। कहाँ हैं रवीश कुमार? हरदिल अजीज़ पत्रकार!! चैनल की इस दलाली के विरोध में आज वो अपना इस्तीफा क्यों नहीं दे देते???!!

और इंडिया टीवी, जिसकी छवि एनडीटीवी के ठीक उलट है और जिसे लोग सरकार का चमचा चैनल तक कह देते हैं, वो किसानों के साथ है। क्या उस पे सरकार का दबाव नहीं कि वो किसानों की रैली ना दिखाए? सरकार की बदनामी होगी! पर वह तो live दिखा रहा है।

तो क्या फिर एनडीटीवी इंडिया पे दबाव था कि वो किसानों की रैली ना दिखाकर स्वच्छ भारत मिशन पर सरकार की चमचागीरी करे??!! वो भी पूरी बेहयाई से???

मतलब आप खुद निकालिए। मैंने पूरी तस्वीर आपके सामने रख दी। और हां! आज के बाद एनडीटीवी इंडिया की तारीफ करने से पहले सोचिएगा क्योंकि पैसों की गड़बड़ी के केस में फंसे इस चैनल पे आज वित्त मंत्री अरुण जेटली भी live हैं। वही, स्वच्छ भारत मिशन चर्चा। कुछ समझे आप??!
(ये लेखक के निजी विचार हैं)

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