जिन्दगी में तीन कामों को करने में कभी न करें संकोच, वरना आपका नुकसान होना है तय 

 
chanakya

1. उधार दिया धन मांगने में शर्म न करें
आचार्य चाणक्य का कहना था कि यदि आपने किसी को धन उधार दिया है, तो उसे मांगने में कभी कोई शर्म न करें. न ही कोई रिश्ता बीच में आने दें क्योंकि अगर आपने धन के मामले में शर्म की तो आपको ही उसका नुकसान भुगतना पड़ेगा. याद रखिए आप अपना दिया हुआ धन ही मांग रहे हैं, किसी और का नहीं, फिर शर्म और झिझक कैसी !

2. भरपेट भोजन करने में शर्म न करें
कहा जाता है कि खाना हमेशा भरपेट खाना चाहिए. लेकिन कुछ लोग जब किसी रिश्तेदार या दोस्त के घर जाते हैं तो संकोचवश ठीक से खाना नहीं खा पाते और आधे पेट ही उठ जाते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए. अगर खाना खाने बैठे हैं तो पेट भर कर खाइए, इसमें शर्म कभी नहीं करनी चाहिए.

3. गुरू से ज्ञान लेने में कोई संकोच न करें
यदि गुरू से ज्ञान ले रहे हैं तो कभी शर्म मत कीजिए हमेशा जिज्ञासु बने रहिए क्योंकि ज्ञान जितना लिया जाए वो कम ही होता है. कुछ लोग गुरू से अपनी जिज्ञासा को जाहिर करने में शर्म महसूस करते हैं, लेकिन ऐसा करके आप अपना ही नुकसान कर लेते हैं और भविष्य में आपको उसकी वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है. इसलिए जितना संभव हो सवाल पूछकर, उसके उत्तर जानने का प्रयास करें और अपनी जिज्ञासा को शांत करें.

 

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