जानिए कब चांदी, कब मिट्टी और कब जलाएं लोहे के दीपक

 
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दीपक कई प्रकार के होते हैं, जैसे चांदी के दीपक, मिट्टी के दीपक, लोहे के दीपक, ताम्बे के दीपक, पीतल की धातु से बने हुए दीपक तथा आटे से बनाए हुए दीपक। आओ जानते हैं कि कौन-सा दीप किस हेतु जलाया जाता है।

1. आटे का दीपक:- किसी भी प्रकार की साधना या सिद्धि हेतु आटे का दीपक बनाते हैं और इसे ही पूजा करने के लिए सबसे उत्तम मानते हैं।

2. घी का दीपक:- आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने के लिए रोजाना घर के देवालय में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं। आश्रम तथा देवालय में अखंड ज्योत जलाने के लिए भी शुद्ध गाय के घी का या तिल के तेल का उपयोग किया जाता है।

3. सरसों के तेल का दीपक:- शत्रुओं से बचने के लिए भैरवजी के यहां सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए भी सरसों का दीपक जलाते हैं।

4. सरसो के तेल का दीपक:- शनि ग्रह की आपदा से मुक्ति हेतु सरसो के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं।

5. महूए के तेल का दीपक:- पति की लंबी आयु की मनोकामना को पूर्ण करने के लिए घर के मंदिर में महुए के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

6. अलसी के तेल का दीपक:- राहु और केतु ग्रहों की दशा को शांत करने के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

7. चमेली के तेल से भरा तिकोना दीपक:- संकटहरण हनुमानजी की पूजा करने के लिए तथा उनकी कृपा आप पर सदैव बनी रहे, इसके लिए तीन कोनों वाला दीपक जलाना चाहिए।

8. गहरा और गोल दीपक:- ईष्ट सिद्धि के लिए या ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक गहरा और गोल दीपक प्रज्वलित करें।

9. मध्य से ऊपर की ओर उठा हुआ दीपक:- शत्रुओं से बचने या किसी भी आपत्ति के निवारण के लिए मध्य से ऊपर की ओर उठे हुए दीपक का प्रयोग जलाने के लिए करना चाहिए।

10. गिलोय का दीपक:- पति की दीर्घायु के लिए गिलोय का दीपक जलाना चाहिए।

कितनी बत्तियों का दीपक जलाएं किस भगवान् के आगे और किस इच्छा पूर्ति के लिए जानने के लिए पढ़े--

1) भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए तीन बत्तियों वाला दीपक जलानें और गणपति स्त्रोत का पाठ करने से मनोकामनायें पूर्ण होती है।

2) यदि आप मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं और चाहते हैं कि उनकी कृपा आप पर बरसे तो उसके लिए आपको सातमुखी दीपक जलायें। और श्री सूक्त का पाठ करे।

3) यदि आपका सूर्य ग्रह कमजोर है तो उसे बलवान करने के लिए, आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करें और साथ में सरसों के तेल का एक बत्ति वाला दीपक जलायें।

4) आर्थिक लाभ पाने के लिए आपको नियमित रूप से शुद्ध देशी गाय के घी का एक मुखी दीपक जलाना चाहिए।

5) शत्रुओं व विरोधियों के दमन हेतु भैरव जी के समक्ष चार बत्तियों वाला सरसों के तेल का दीपक जलाने से लाभ होगा और साथ मे बटुक भैरव का पाठ करें।

6) शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से पीड़ित लोग शनि मन्दिर में शनि स्त्रोत का पाठ करें और सरसो के तेल का  एक बत्ती वाला
दीपक जलायें।

7) पति की आयु व अरोग्यता के लिए महुये के तेल का पंच बत्तियों वाला दीपक जलाने से अल्पायु योग भी नष्ट हो जाता है।

8) शिक्षा में सफलता पाने के लिए सरस्वती जी की आराधना करें और दो मुखी घी वाला दीपक जलाने से अनुकूल परिणाम आते हैं।

9) मां दुर्गा या काली जी प्रसन्नता के लिए एक मुखी दीपक गाय के घी में जलाना चाहिए।

10) भोले बाबा की कृपा बरसती रहे इसके लिए आठ या बारह मुखी पीली सरसों के तेल वाला दीपक जलाना चाहिए।

11) भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए सोलह बत्तियों वाला गाय के घी का दीपक जलाना लाभप्रद होता है।

12) हनुमान जी की प्रसन्नता के लिए तिल के तेल आठ बत्तियों वाला दीपक जलाना अत्यन्त लाभकारी रहता है। इसके अलावा आटे का दीपक बना कर चार बत्तियों का दीपक धन वृद्धि के लिए भी जला सकते है। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

13) गुरु को बलवान करने के लिए बत्ती को हल्दी में रंग कर 4 मुँह का दीपक केले के पेड़ पर चढ़ाये।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

 

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