गीत संगीत के क्षेत्र मे जिले का नाम रौशन कर रही है रीना यादव

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गीत संगीत के क्षेत्र मे जिले का नाम रौशन कर रही है रीना यादव


गीत संगीत के क्षेत्र मे जिले का नाम रौशन कर रही है रीना यादव


सहरसा,14 मई (हि.स.)। जिले के सौर बाजार गम्हरिया गांव के तारिणी प्रसाद यादव एवं सीता देवी की सुपुत्री चन्द्रकिरण रीना बचपन से ही संगीत गायन के क्षेत्र मे अपनी प्रस्तुति से लोगो अंचम्भित कर रही है। पहली बार कक्षा छह में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर भारत सरकार के द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया । यहाँ से संगीत यात्रा शुरू हुई। रीना यादव के नाना साहुगढ निवासी रघुनंदन प्रसाद मंडल बहुत अच्छे गवैया थे। शायद वही से संगीत का संस्कार पुष्पित और विकसित हुआ।शुरुआत के दिनो में विभिन्न स्थानीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति देती थी। इसी क्रम में उनकी मुलाकात डॉ जवाहर शर्मा से हुई जो पेशे से एक होम्योपैथिक डॉक्टर के साथ ही अच्छे गायक भी थे। उन्होंने ही मुझे संगीत का पहला ज्ञान दिया अत: उनके प्रति में अपना आभार व्यक्त करती हुं। 2004 में माध्यमिक की परीक्षा पास करने के बाद संगीत सीखना प्रारंभ किया था। मेरे प्रथम संगीत गुरु डॉ. जवाहर लाल शर्मा से संगीत का प्रथम ज्ञान प्राप्त करन के बाद फिर मैंने रामपूर निवासी रजनीकांत झा रमण जी जो की मेरे प्रथम गुरू डॉ. जवाहर लाल शर्मा के भी गुरुजी थे। उनसे संगीत सीखना शुरू किया। मैं गुरुजी आदरणीय रमन झा के प्रति आभार व्यक्त करती हूं क्योंकि आज में जहां हुं, जो कुछ भी हूं अपने गुरुजी की बदौलत हूं।

गुरुजी के सानिध्य में संगीत से स्नातक करने के बाद मैंने सहरसा में कम्प्युटर क्लास ज्वाइन कर लिया इस क्लास के दौरान मेरी मुलाकात शशि सरोजनी रंगमच सेवा संस्थान के सचिव बंदन वर्मा और उनके भाई रंगकर्मी कुंदन वर्मा से हुई और मैं भी इस संस्था की सदस्या बन गई और शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान के बैनर तले मैने विभिन्न प्रतिष्ठित मंचो जैसे जिला स्तरीय युवा महोत्सव,राज्य स्तरीय युवा महोत्सव, कोशी महोत्सव, विद्यापति महोत्सव, श्रावण महोत्सव, मिथिलांचल नाट्य महोत्सव इसके अलावा कई राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपने गायन का प्रदर्शन किया।2013 2015 बैच में मैंने पटना विश्वविद्यालय पटना के मगध महिला महाविद्यालय से स्नातकोत्तर (संगीत) की पढ़ाई पूरी की।

गॉव के संघर्ष से जुझते हुए शहर में पढ़ाई करना इतना आसान नहीं था इसके बावजूद मेरा संघर्ष जारी रहा और इस संघर्ष की साक्षी रही मेरी तीसरी गुरू तत्कालीन विभागाध्यक्ष, मगध महिला महाविद्यालय, पटना डॉ नीरा चौधरी और डॉ अरविन्द कुमार वर्तमान विभागाध्यक्ष मगध महिला महाविद्यालय, पटना इनके अलावा रूपाली दीदी ने मुझे मानसिक तनाव से बचाए रखा इन तीनो ने मेरी संगीत की पढ़ाई में मेरा हौसला बनाए रखा। तमाम संघर्षों को झेलते हुए मैं संगीत से स्नातकोत्तर करने के साथ साथ पटना विश्वविद्यालय पटना के संगीत विषय, सत्र 2013- 2015 की टॉपर रही और मुझे तत्कालीन राज्यपाल तथा वर्तमान राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद के हाथो स्नातकोत्तर संगीत में स्वर्ण पदक प्राप्त करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ।

इन संघर्षों में मेरा परिवार सदैव मेरे साथ रहा अतः अपने परीवार की मैं हमेशा ऋणी रहूंगी। पटना विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान मुझे अनेकों प्रतिष्ठित मंच पर अपना प्रदर्शन करने का मौका मिला साथ ही मैंने संगीत के क्षेत्र में होने वाले अनेक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और प्रथम स्थान भी प्राप्त किया जिसमें युवा महोत्सव पटना, शिक्षा दिवस, (एस. के .मेमोरियन हॉल पटना) गवर्नर सेक्रेटेरिएट, बिहार राज्य भवन पटना द्वारा आयोजित कार्यक्रम, जोनल यूथ फेस्टीवल रॉची में पटना विश्वविद्यालय की तरफ से मेरा एकल शास्त्रीय संगीत का प्रदर्शन, दूरदर्शन पटना के द्वारा संचालित सामूहिक कव्वाली में मेरा प्रदर्शन, बिहार दिवस के अवसर पर पटना में मेरा प्रदर्शन इत्यादि। इसके अलावे भी दूरदर्शन पटना में भी मेरी प्रस्तुतिकरण होती रही। वही 2013 में भारत स्वाभिमान न्यास के द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय देशभक्ति गीत प्रतियोगिता वैशाली में मुझे बाबा रामदेव के हाथो प्रमाण पत्र और मोमेण्टो ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके साथ ही समय - समय पर जिला स्थापना दिवस, बिहार दिवस, युवा महोत्सव , कोशी महोत्सव, सिंहेश्वर महोत्सव, श्रावण महोत्सव, विद्यापति महोत्सव, सोनपुर मेला महोत्सव, इत्यादि प्रतिष्ठित मंचों पर मेरी गायकी की प्रस्तुतिकरण होती रही।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय