RC Transfer: इन दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन ही ट्रांसफर करें RC, जानें पूरा प्रोसेस

डंके की चोट पर 'सिर्फ सच'

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RC Transfer: इन दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन ही ट्रांसफर करें RC, जानें पूरा प्रोसेस

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RC Transfer : आपको पता ही है कि अगर आपके पास वाहन है तो सरकार के पास उसको रजिस्टर करवाना होता है। इसीलिए जिस रजिस्ट्रेशन के आधार पर गाड़ियों को नंबर प्लेट दिया जाता है। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को ही शॉर्ट फॉर्म में आरसी कहते हैं।

आरसी ट्रांसफर तीन प्रकार से होती है। जिसमें सामान्य बिक्री ट्रांसफर, सार्वजनिक नीलामी हेतु, ट्रांसफर और वाहन मालिक की मृत्यु के पश्चात ट्रांसफर जैसे विकल्प होता है। आज के समय में आरसी ट्रांसफर करवाना काफी मुश्किल है लोगों को सही प्रक्रिया दस्तावेज की जानकारी नहीं है।


आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे घर बैठे बैठे आप ऑनलाइन माध्यम से ही आरसी ट्रांसफर करवा सकते हैं। इसके लिए आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने।

जरूरी डॉक्यूमेंट :

RC transfer करने से पहले आपको अपनी पात्रता सत्य करनी होगी। साथ ही आपके पास कुछ जरूरी डाक्यूमेंट्स भी होने चाहिए। दस्तावेजों में वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो, खरीदार की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र, टैक्स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, एड्रेस प्रूफ, आरसी बुक, वाहन बेचने और खरीदने वाले का पेन कार्ड, चेसिस और इंजन पेंसिल प्रिंट होने आवश्यक है।

ऑनलाइन ट्रांसफर की प्रक्रिया :

आरसी ट्रांसफर के लिए आपको parivahan.gov.in पर जाना होगा। इस वेबसाइट पर जाकर आपको सबसे पहले अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनाने के बाद आप यहां पर एक ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे जिसकी फीस ₹525 होगी।

उस फॉर्म का एक प्रिंट आउट संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। एक सफल आवेदन के बाद वह कार्यालय आगे की जरूरी प्रक्रिया को चंद पलों में ही पूरी कर लेगी। इससे आपका समय बचेगा।


RC ट्रांसफर है जरूरी?

आरसी ट्रांसफर की सुविधा आपको हर आरटीओ में मिल जाएगी। बहुत बार देखा गया है की गाड़ी खड़ी थी खरीदने और बेचने वाले आपस में समझौता कर लेते हैं और इस खरीद-फरोख्त के वक्त आरसी ट्रांसफर नहीं करवाते।

इन डील में डेलरशिप का हस्तछेप नहीं होता है। यह कानूनी तौर पर सही नहीं है। ऐसी बड़ी गलती के कारण आपका भारी चालान कट सकता है।

वहीं वह गाड़ी कितने भी लोगों को बेच दी जाए लेकिन आधिकारिक तौर पर मालिक वही होगा जिसके नाम पर आर सी होगी। यह मुख्य कारण है कि गाड़ी खरीदते समय आरसी ट्रांसफर करवाना अनिवार्य है।