जामिया में 'कार्डियो वैस्कुलर डिसीज: एन इनसाइट टू न्यू एडवांसेज एंड देयर ट्रांसलेशनल एप्लीकेशन' पर कार्यशाला

 
00

सादिक़ जलाल, नई दिल्ली।  जैव प्रौद्योगिकी विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग प्रोन्नति योजना (स्पार्क), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत 24 से 29 सितंबर, 2021 तक 5 दिवसीय इंडो-सिंगापुर कार्यशाला का आयोजन किया,  जिसका विषय 'कार्डियो वैस्कुलर डिसीज: एन इनसाइट टू न्यू एडवांसेज एंड देयर ट्रांसलेशनल एप्लीकेशन' था।

कार्यशाला में कार्डियोवैस्कुलर जीव विज्ञान और चिकित्सा तथा उनकी ट्रांसलेशनल क्षमता मुख्य विषय थे। कार्यशाला का आयोजन कार्डियोवैस्कुलर एंड मेटाबोलिक डिसऑर्डर प्रोग्राम,  ड्यूक एन यू एस मेडिकल स्कूल सिंगापुर के सहयोग से किया गया था।

पूरा कार्यक्रम संरक्षक, प्रो नजमा अख्तर, कुलपति, जामिया और सलाहकार, प्रोफेसर सीमा फरहत बसीर, डीन, प्राकृतिक विज्ञान संकाय, जेएमआई के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला की देखरेख विभागाध्यक्ष प्रो एम जाहिद अशरफ तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, जामिया के अन्य सभी संकाय सदस्यों ने की।

आनुवंशिक, पर्यावरण, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक जैसे कई परस्पर संबंधित योगदान कारकों के साथ का कार्डियोवैस्कुलर डिसऑर्डर (सीवीडी) विश्व स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण हैं। इंडो-सिंगापुर कार्यशाला ने नवीनतम प्रगति और सेल्युलर और मोलिक्युलर अपडेट के साथ कार्डियोवैस्कुलर बायोलॉजी के जोखिम कारकों पर प्रकाश डाला। सीवीडी, इन्फ्लेमेशन जीव विज्ञान, जीनोमिक्स एवं एपिजेनोमिक्स, बायोमार्कर डिस्कवरी और सीवीडी से संबंधित ओमिक्स-प्रौद्योगिकियों में नवीनतम चिकित्सीय हस्तक्षेपों पर विशेष ध्यान दिया गया।

युवा पीढ़ी के बीच इन बीमारियों की समझ के प्रति ध्यान और जागरूकता पैदा की गई। कार्यशाला ने न केवल बुनियादी और बायोमेडिकल शोधकर्ताओं से बल्कि उन चिकित्सक वैज्ञानिकों से भी अपील की जोकि अपने करियर के शुरुआती चरण में हैं और उन्हें कार्डियोवास्कुलर बायोलॉजी और ट्रांसलेशनल मेडिसिन में दीर्घकालिक रुचि विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला में 550 से अधिक की संख्या के पंजीकरण के साथ पूरे भारत से प्रतिभागियों ने भाग लिया। हमारे उल्लेखनीय वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की 5 दिनों की अवधि की बातचीत ने प्रत्येक वार्ता के बाद पैनलिस्ट सदस्यों के बीच विचार-मंथन और गहन चर्चा को प्रोत्साहित किया। इन प्रोडक्टिव बातचीत ने एक अनुकूल वातावरण तैयार किया जिसने कार्यशाला के प्रतिभागियों में सीखने के माहौल को बढ़ावा दिया। कार्यशाला के अंत तक प्रतिभागियों को सीवीडी के विभिन्न पहलुओं की बेहतर समझ विकसित हो सकी।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें, साथ ही ताज़ा अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर हमें फॉलो करें।

From around the web