ऑनलाइन बिकेंगे गोबर से बने दीये-मूर्ति

 

लखनऊ। नगर की सफाई व्यवस्था को देखते-देखते शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त का काफिला नादरगंज स्थित कान्हा उपवन गौशाला पहुंच गया। यहां पर उन्होंने गौशाला की सफाई व्यवस्था के साथ यह भी देखा कि पशुओं को जो चारा-पानी दिया जा रहा है कि वो मानक के अनुरूप है कि नहीं। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव और संयुक्त निदेशक पशु कल्याण डॉ अरविंद कुमार राव मौजूद रहे।

गौशाला के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त को बताया कि नगर निगम लखनऊ और उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम गो में दीपावली जोकि आगामी 13 नवंबर को गोमती नदी के तट पर झूलेलाल वाटिका पर मनाये जाने की तैयारी है। इस दीपोत्सव कार्यक्रम में कान्हा उपवन में गाय के गोबर से तैयार किये गये दीपों का उपयोग किया जायेगा। बताया कि इस कार्यक्रम के लिये गाय के गोबर से पूरे एक लाख दीये बनाने का लक्ष्य है। लखनऊ शहर के मुख्य बाजार जैसे हजरतगंज, गोमती नगर, अमीनाबाद व इंदिरानगर, बंगला बाजार आदि में कान्हा उपवन में तैयार गोबर के दीये व गणेश लक्ष्मी की मूर्ति बिक्री के लिये तैयार की जा रही है। नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि शीघ्र ही गोबर के दीये व मूर्ति की ऑनलाइन बिक्री को नगर निगम का लिंक पोर्टल शीघ्र आम जनमानस के लिये उपलब्ध करा दिया जाएगा।

गिलोय-तुलसी मिलाकर बनायी जा रही मूर्तियां
गोबर की मूर्तियों में गिलोय तुलसी आदि औषधीय पौधों के बीजों को भी डाला जा रहा है जो अगले वर्ष दीपावली पर मूर्ति बदलने पर पुरानी मूर्ति को पेड़ व गमलों आदि में डालने से प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण में सहयोग का कार्य करेगी। इससे स्वयंसेवी समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे जोकि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अच्छा कदम साबित हो रहा है। बताया गया कि दीवाली पर्व को ध्यान में रखते हुए दीयों की 10 और 20 की विशेष आकर्षक पैकिंग करवाकर 300 पैक जन सामान्य में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

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