प्याज ग्रामीण बाजारों में भी 70 रुपये किलो तक पहुंचा

 

प्याज के दाम बाजार में बेतहाशा बढऩे के कारण लोगों के रसोई से प्याज गायब होता जा रहा है। खाने का स्वाद फीका हो गया है, प्याज खाने के स्वाद को चटपटा बना देता है इस समय प्याज गरीबों को नसीब नहीं हो पा रहा है।बढ़ती महगाई में बढ़ते प्याज के दामो ने आम आदमी को रुला कर रख दिया है। सब्जियों में आलू की बढ़ती कीमतों ने पहले आए ही गरीब आदमी की नाक में दम कर रखा था, ऊपर से प्याज के बढ़ते दामो ने तो मानो आदमी की कमर ही तोड़ दी है।इस कोरोना काल मे आम आदमी की आमदनी पर पहले से ही ग्रहण लगा है।
इटौंजा क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि बाजारों में इस समय प्याज ,70 से लेकर ,80 किलो तक बिक रहा है इससे नागरिकों को प्याज खरीदने में उनकी रूह कांप जाती है इटौंजा, महोना, कुंम्हरावा, महिगवा, अमानीगंज ,व मानपुर मंडी में प्याज के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। गरीब आदमी प्याज की तरफ देखकर मंहगाई की झार से आंसू आ जाते है।प्याज के बिना सब्जी बेस्वाद लगती है।    राजापुर गांव की सिया राम कनौजिया ने बताया कि प्याज के भाव तो आसमान को छू ही रहे हैं, बाकी अन्य सब्जियो एव दालों की क़ीमत में भी मंहगाई इस कदर बढ़ी है कि आम आदमी बिना सब्जी दाल के रोटी खाने को मजबूर है।

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