राजधानी में रोजाना औसतन 75 कॉल दमकल विभाग को आती है

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राजधानी में रोजाना औसतन 75 कॉल दमकल विभाग को आती है


राजधानी में रोजाना औसतन 75 कॉल दमकल विभाग को आती है


नई दिल्ली, 14 मई (हि.स.)। राजधानी में गर्मी के दिनों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक रोजाना औसतन 75 कॉल दिल्ली फायर कंट्रोल रूम में आ रही है। वहीं पिछले साल के मुकाबले कॉल की संख्या भी 1634 ज्यादा। जबकि इस साल जान गंवाने वालों लोगों की संख्या 591 है। यह पिछले साल 346 थी।

आंकड़ों के मुताबिक इस साल वर्ष 2021-22 के दौरान दमकल विभाग के कंट्रोल रूम को कुल 27343 कॉल्स (एक अप्रैल से 31 मार्च तक) मिली थीं। यह आंकड़ा 2020-2021 के दौरान 25709 का था। आंकड़ों के हिसाब से पिछले साल के मुकाबले कुल 1634 कॉल की संख्या में इजाफा हुआ। वहीं कोविड से पूर्व वर्ष 2019-2020 और 2018-2019 की बात करें तो यह आंकड़ा 31 हजार से ज्यादा का था।

घायल होने वालों की संख्या भी बढ़ी

घायल होने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ। इस साल जहां 1421 लोग जख्मी हुए वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 1135 का था। आमूमन सर्दियों में औसतन दमकल विभाग को 50 से 60 कॉल्स मिलती है, लेकिन गर्मियां आने के बाद इनकी संख्या 125 तक पहुंच जाती है।

यह है दमकल विभाग के पास संसाधन

-दमकल विभाग के पास फिलहाल लगभग 3000 जवान हैं तैनात।

-आग बुझाने के लिए करीब 200 गाड़ियां हैं तैनात।

-64 दमकल केंद्र, इनमें तीन केवल दिन में करते हैं काम

-दो रिमोर्ट कंट्रोल फायर फाइटिंग मशीन (रोबोट)

-पांच लाइफ डिटेक्टर्स के अलावा अन्य उपकरण मौजूद।

-गंभीर आग लगने आग के हालात देखने के लिए ड्रोन।

हर सात हजार पर एक दमकलकर्मी

आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि दमकल विभाग में करीब 3000 हजार जवान तैनात हैं। जबकि दिल्ली की आबादी करीब दो करोड़ से अधिक है। इस हिसाब से औसतन करीब 7 की आबादी पर एक जवान काम कर रहा है। इस साल दमकल विभाग ने 40 रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर्स और 21 फायर ऑपरेटर की भर्ती की है। 769 जवानों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। इसके अलावा 500 जवानों को आउट सोर्स रखा हुआ है।

पिछले साल आग लगने के आंकड़े...

साल-------------कॉल------------घायल-----------मरने वालों की संख्या

2021-22------27343--------1421-------------------591

2020-21-------25709--------1135-------------------346

2019-20-------31157--------1638-------------------308

2018-19-------31264--------1597-------------------297

2017-18-------29423--------1767-------------------318

(नोटः सभी आंकड़े एक अप्रैल से अगले वर्ष 31 मार्च के बीच के हैं)

हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी