आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला

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आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला


आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला


आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला


आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला


आज के परिवेश में नारी को शास्त्र के साथ शस्त्र की उठाने की जरुरत - विमला शुक्ला


बिजनौर, 14 मई (हि.स.)। मातृशक्ति की क्षेत्र संयोजिका विमला शुक्ला ने शनिवार को यहां कहा कि आज के परिवेश में नारी अबला नहीं सबला है और शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र की भी उठाने की आवश्यकता है।

विश्व हिन्दू परिषद के जिला कार्यालय पर आयोजित दुर्गा वाहिनी की बैठक सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहाकि विषम परिस्थितियों मे वह प्रतिकार करना भी जानती हैं। माताओं को अपनी बेटियों को मां जीजा बाई, महारानी लक्ष्मीबाई, माता सीता, महारानी पद्मावती, माता अहिल्याबाई, माता अनुसुइया जैसी महान चरित्र वाली विदुषी देवियों की कहानियां सुनानी चाहिए, ताकि उन बहनों में स्वाभिमान और राष्ट्र भक्ति का भाव जागृत हो सके।

बैठक में दुर्गा वाहिनी की प्रांत संयोजिका आदर्श सिसोदिया ने कहा दुर्गावाहिनी का वास्तविक स्वरूप जो राष्ट्र, धर्म द्रोही, पापी दुराचारियों का भक्षण करके अपने धर्म ध्वजा का सम्मान बढ़ाने वाला है। उन्होंने बैठक में उपस्थित बहनों से कहा जब अपने परिवार समाज संस्कृति की बात आए तो मिसाल बन जाए। एक बेटी के रूप में हो या बहन, पत्नी व मां बनकर अपने कर्तव्य को निर्वाह करना हो सभी में ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें।

समस्त हिन्दू नारी जाति के लिए एक प्रेरणा बन जाए। जो अपने सुंदर संस्कारवान कार्यों से अपने माता पिता परिवार समाज के साथ ही अपने देश धर्म को भी गौरवान्वित करे। जिनमें मां के रूप में महान वीर माता जीजाबाई का स्वरूप हो तो एक वीरांगना के रूप में भारत की महान विरांगनाएं रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई एवं स्वामिभक्ति निष्ठा व राष्ट्र प्रेम में अपने पुत्र को बलिदान करने वाली पन्ना धाय जैसा स्वरूप रखने वाली हो। ऐसी अनेक दुर्गावाहिनी वीरांगना तैयार हो सके। हमारे देश में ऐसा उद्देश्य लेकर हमें चलना है। आज हमारे देश धर्म को ऐसी मां दुर्गा स्वरूपा वीरांगनाओं की बहुत आवश्यकता है। इसलिए इसे एक संकल्प बनाकर चलना होगा।

बैठक में दुर्गा वाहिनी अर्चना चौधरी, प्रियंका राजपूत, शिवानी गोयल, शोभा शर्मा, उषा, नमिता, पूनम, शशिबाला, प्रतिभा, मायारानी, शिवानी, मंजू, गीता, प्रियंका, अर्चना, डिंपल, आदेश आदि सैकड़ों बहनें उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्तान समाचार/नरेन्द्र