गुरुग्राम: यूक्रेन से लौटे छात्रों को सता रही है अपने भविष्य की चिंता

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गुरुग्राम: यूक्रेन से लौटे छात्रों को सता रही है अपने भविष्य की चिंता


गुरुग्राम: यूक्रेन से लौटे छात्रों को सता रही है अपने भविष्य की चिंता


गुरुग्राम: यूक्रेन से लौटे छात्रों को सता रही है अपने भविष्य की चिंता


-यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों व उनके अभिभावकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन

-विधायक ने सरकार से सकारात्मक बात करने का दिया आश्वासन

गुरुग्राम, 14 मई (हि.स.)। पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ यूक्रेन एमबीबीएस स्टूडेंट्स इंडिया ने शनिवार को गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला को उनके कार्यालय में पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने सभी प्रतिष्ठित नेताओं और सभी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि यूक्रेन से लौटे छात्रों के भविष्य के लिए वे अहम और जरूरी कदम उठाएं। विधायक सुधीर सिंगला ने उनकी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे ज्ञापन मुख्यमंत्री हरियाणा तक पहुंचाकर सकारात्मक निर्णय का अनुरोध करेंगे।

यूक्रेन से लौटे देशभर के छात्रों की ओर से उनके अभिभावकों ने मांग की है कि उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, इसके लिए सरकार जल्द पॉजिटिव कदम उठाए, ताकि उनका भविष्य खराब ना हो। अभिभावकों ने कहा है कि वे मध्यम वर्गीय परिवारों से संबंध रखते हैं। उनके बच्चे यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे, लेकिन पिछले कुछ महीने पूर्व वहां के हालात खराब हुए। रूस ने यूके्रन पर हमला करके सब कुछ बाधित कर दिया। बड़ी मुश्किल से बच्चे अपनी जान बचाकर भारत लौटे। उन्होंने भारत सरकार द्वारा उन्हें यूक्रेन से सकुशल निकालने पर धन्यवाद करते हुए कहा कि अब सरकार उनके भविष्य को लेकर भी जरूरी कदम उठाए। क्योंकि अब उन्हें भारत में ही रहकर वे अपनी पढ़ाई को पूरा करना है। मांग की है कि सभी छात्रों को भारतीय मेडिकल कालेज में समायोजित किया जाए, ताकि वे पढ़ाई पूरी कर सकें। ज्ञापन में कहा गया है कि करीब 15-16 हजार मेडिकल के छात्र हैं, जिनमें से करीब 3000 छात्र फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में छात्रों को अनुमति दी जाए कि वे भारत के अस्पतालों में इंटर्नशिप कर सकें। बाकी के करीब 12 हजार छात्रों को एमबीबीएस के प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष में दाखिले देकर भविष्य बनाने के लिए सहायता की जाए। क्योंकि देश के अनेक मेडिकल कालेज में हाल ही में पहले वर्ष की पढ़ाई शुरू ही हुई है। ऐसे में उन्हें कोई ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। छात्रों ने यह भी बताया कि उनकी देश के अलग-अलग हिस्सों में मेडिकल कालेज प्रशासन से मीटिंग भी हुई है। वे सभी यूूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को अपने परिसर में दाखिला देने के लिए सरकार की ओर से अनुमति मिलने के इंतजार में हैं। वे चाहते हैं कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के गुरुग्राम अध्यक्ष आरबी गुप्ता समेत काफी संख्या में लोग, छात्र शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ईश्वर/संजीव