आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थियों को पीछे छोड़ते हुए वाराणसी के गौरव ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में जीता स्वर्ण

डंके की चोट पर 'सिर्फ सच'

  1. Home
  2. Sports

आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थियों को पीछे छोड़ते हुए वाराणसी के गौरव ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में जीता स्वर्ण

police fire games 2022_gaurav gold


वाराणसी। कहावत है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से इंसान अपनी मंजिल को पा सकता है। इस बात को सही साबित कर दिखाया है वाराणसी के गौरव मौर्या ने।

नीदरलैंड के शहर रॉटरडैम में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2022 मे वाराणसी के कराते खिलाड़ी गौरव ने कुमिते के पुरुष - 70 किलो भार वर्ग मे स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ जिले का बल्कि देश का नाम भी रोशन किया।

प्रतियोगिता में कंबोडिया के चेंग रत्नाक ने रजत पदक एवं चेक गणराज्य के कौदेल्का जां ने कांस्य पदक जीता। इस प्रतियोगिता का आयोजन 22 जुलाई से 31 जुलाई तक किया गया।

इस प्रतियोगिता में कराते के खेल में लगभग 60 देशों से 500 पुलिस विभाग के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था।

गौरव ने इससे पहले 18वें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2019 मे चाइना के चेंगदू मे रजत पदक जीतकर जिले राज्य और अपने विभाग का नाम रोशन किया था।

आर्थिक तंगी का करना पड़ा सामना

गौरव ने अभी तक 2 बार पुलिस गेम्स मे पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। नीदरलैंड जाने के लिए गौरव के पास पैसे नहीं थे। बाद में उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद से पैसा इकट्ठा किया और नीदरलैंड गए।

गौरव ने कहा कि मध्यम परिवार से होने मे खिलाड़ियों की तैयारी खेलने का खर्च बहुत आता है जिससे बहुत ही समस्याएं होती है। इस देश मे खिलाडियों को प्रायोजक मिलना भी बहुत कठिन है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ी बहुत मेहनत कर रहे हैं लेकिन पैसे की तंगी की वजह से वो अपनी प्रतिभा को दिखा नहीं पा रहे। 36वें नेशनल गेम्स मे भी कराते खेल को शामिल नहीं किया गया जिससे कराते खिलाड़ियों का मनोबल बहुत गिर चुका है खिलाड़ी जगह जगह अपनी गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज अनसुनी की जा रही है।

बचपन में ही सर से उठ चुका है पिता का साया

बेहद मध्यम परिवार के रहने वाले हैं। इनके पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। ये 3 तीन भाई बहन है इनके बड़े भाई अभिनव ही घर को चलाते हैं। गौरव को बचपन से खेल मे शौक था। उन्होंने अभी तक जिले और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बहुत सारे पदक जीते हैं।

गौरव 2018 मे एशियन गेम्स कैम्प करने के बाद खेल कोटे से आईटीबीपी में शामिल हुए। वह विभाग की तरफ से अब खेलते हैं 12 साल से ये लगातार खेल रहे हैं, इनके कोच दिनेश भारद्वाज है जो नेशनल कोच भी है जो खिलाड़ियों को तराशने का काम करते हैं।