टी20 विश्व कप: अर्शदीप सिंह बोले, मेरा ध्यान हमेशा निरंतरता पर था

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टी20 विश्व कप: अर्शदीप सिंह बोले, मेरा ध्यान हमेशा निरंतरता पर था

Arshdeep-Singh


एडिलेड | टी20 विश्व कप में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नई गेंद से सफलता दिलाई थी। लेकिन बुधवार को एडिलेड ओवल में बांग्लादेश के लिटन दास ने उनके पहले ओवर में तीन चौके मारे। लेकिन बारिश के बाद बांग्लादेश को 16 ओवरों में 151 का लक्ष्य मिला, अर्शदीप ने बांग्लादेश को झटका देकर जीत हासिल करने की संभावना को कम कर दिया। 12वें ओवर में उन्होंने अफिफ हुसैन और शाकिब अल हसन को डीप में कैच कराकर उनकी कमर तोड़ दी।

इसके बाद वह पारी के अंतिम ओवर में गेंदबाजी करने के लिए लौटे और नुरुल हसन और तस्कीन अहमद के खिलाफ 20 रन का बचाव करते हुए फिर से शानदार गेंदबाजी की। हालांकि हसन ने उन्हें एक छक्का और एक चौका लगाया। अर्शदीप ने अपनी लय बनाए रखी और पिन-पॉइंट गेंदों को ब्लॉकहोल में डालकर भारत के लिए पांच रन की रोमांचक जीत दर्ज की।

अर्शदीप ने भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान पठान को स्टार स्पोर्ट्स पर 'फॉलो द ब्लूज' शो में कहा, "मेरा ध्यान हमेशा निरंतरता पर था। आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक ढीली गेंदें नहीं दे सकते। मैं नई गेंद और पुरानी गेंद के साथ गेंदबाजी करते हुए अच्छा बनना चाहता हूं। मैं विकेट लेना चाहता हूं या रनों को नियंत्रित करना चाहता हूं।"

टीम में जसप्रीत बुमराह नहीं होने के कारण पावरप्ले में और डेथ ओवरों में गेंदबाजी कौन करेगा इस सवाल के साथ भारतीय टीम आस्ट्रेलिया पहुंची थी। लेकिन अर्शदीप इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए खड़े हुए हैं और अब तक इसे पूरी शिद्दत से निभाया है।

उन्होंने मेगा इवेंट से पहले अपने रन-अप में सुधार करने में मदद करने के लिए गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे को भी श्रेय दिया। पारस म्हाम्ब्रे ने मेरे रन-अप पर मेरे साथ काम किया। उन्होंने कहा, "अगर मैं सीधे आता हूं, तो मुझे अपनी लाइन के साथ और अधिक निरंतरता मिलेगी। आप आस्ट्रेलिया के विकेटों पर खराब लाइनों को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं इसलिए मैं सीधे आने के लिए प्रयास कर रहा हूं और मैं बेहतर करने की उम्मीद कर रहा हूं।"

अपने शानदार टी20 करियर में, अर्शदीप ने शुरूआत में नई गेंद को स्विंग करने और डेथ ओवरों में पिन-पॉइंट यॉर्कर देने के अलावा बाउंसर को चेंज-अप विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। लेकिन जो बात दिल को छू लेने वाली है, वह है दबाव में योजनाओं को अंजाम देने के लिए उनका शांत संयम स्वभाव ।

अर्शदीप ने कहा कि अपना अभियान शुरू करने से पहले दस दिनों तक पर्थ में अभ्यास करना भी गेंदबाजों के काम आया।