कानपुर हिंसा में बेगुनाह नहीं जाएंगे जेल, 22 आवेदनों की हो रही जांच : संयुक्त पुलिस आयुक्त

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कानपुर हिंसा में बेगुनाह नहीं जाएंगे जेल, 22 आवेदनों की हो रही जांच : संयुक्त पुलिस आयुक्त


कानपुर हिंसा में बेगुनाह नहीं जाएंगे जेल, 22 आवेदनों की हो रही जांच : संयुक्त पुलिस आयुक्त


- गठित कमेटी जल्द एसआईटी को सौंपेगी रिपोर्ट

कानपुर, 24 जून (हि.स.)। कानपुर हिंसा में किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सामने अब तक 22 आवेदन हैं और हिंसा में शामिल न होने के सबूत दिए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कमेटी जांच कर रही है और जल्द ही एसआईटी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बेगुनाहों को जेल नहीं भेजा जाएगा। यह बातें शुक्रवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने कही।

उन्होंने बताया कि कानपुर हिंसा में हो रही कार्रवाई पर शासन का साफ मानना है कि दोषियों को छोड़ो नहीं और निर्दोषों को छेड़ो नहीं। शासन की मंशा पर बराबर जांच की कार्रवाई हो रही है और किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसके लिए अलग से एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सामने अब तक 22 आवेदन आए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि यह लोग कानपुर हिंसा में शामिल नहीं थे। इसके लिए साक्ष्य भी दिए गए हैं। इन आवेदनों की जांच कमेटी कर रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट एसआईटी (विशेष जांच दल) को सौंप दी जाएगी। इसके बाद एसआईटी उन लोगों को कार्रवाई की जद से बाहर कर देगी जिन पर दोष साबित नहीं हो रहा है।

गौरतलब है कि कानपुर हिंसा में लगातार हो रही गिरफ्तारियों को लेकर कुछ लोगों ने सवाल खड़े किए थे कि बेगुनाहों को पुलिस पकड़ रही है। इऐ को लेकर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना ने संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के सामने उन लोगों को साक्ष्यों के साथ पेश होना है, जिनका हिंसा में नाम है और वह लोग दावा कर रहे हैं कि हिंसा में साजिशन फंसाया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय