कोरोना महामारी पर बांदा भी रेड एलर्ट, DM ने किया टीमों का गठन

 
कोरोना महामारी पर बांदा भी रेड एलर्ट, DM ने किया टीमों का गठन

विनोद मिश्रा
बांदा।
कोविड कहर की महामारी लहर को देखते हुए जिला स्तर पर टीम-9 का गठन किया गया है। यह टीमें कोविड संबंधी कार्यों को देखेगी। जिलाधिकारी ने इसका गठन करते हुए जिम्मेदारियां सुनिश्चित कर दी हैं। 

डीएम का यह प्रयास अत्यंत ही सराहनीय है लेकिन इसमें कोविड की लड़ाई में मैन पावर की कमी को दूर करने की भी व्यवस्था की गई होती तो महामारी से निपटने में डाक्टर, स्टाफ नर्स तथा अन्य पैरामेडिकल वर्करों की कमी की समस्या दूर हो जाती। क्योंकि चाहें राजकीय मेडिकल कालेज हो या जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र हो या उपस्वास्थ्य केंद्र हर जगह स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी की कमी है।

खैर, जिलाधिकारी आनंद सिंह द्वारा गठित पहली टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी अध्यक्ष और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सदस्य बनाए गए हैं। यह टीम सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसीयू व ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी। जिले में चल रहे टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से संपन्न कराना और आवश्यक संख्या में टीकों की आपूर्ति की व्यवस्था करना इसकी जिम्मेदारी रहेगी। 

दूसरी टीम का अध्यक्ष राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को बनाया गया है, जबकि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक इसके सदस्य रहेंगे। यह टीम संभावित एवं संक्रमित लोगों के प्रभावी इलाज और देखभाल के साथ संबंधित चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएगी। तीसरी टीम का अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी और सदस्य डिप्टी कलेक्टर व एंबुलेंस मैनेजर को बनाया गया है। यह टीम इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूम की व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करेगी और एंबुलेंस की सेवाओं को सुचारू रूप से सुनिश्चित कराना इसकी जिम्मेदारी होगी। 

चौथी टीम का अध्यक्ष उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बनाया गया है, जबकि जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसके सदस्य होंगे। यह टीम कांटेक्ट ट्रेसिग, जांच और अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेगी। साथ ही होम आइसोलेट लोगो की सुचारू व्यवस्था और मेडिकल किट उपलब्ध कराने के साथ नियमित समीक्षा इसकी जिम्मेदारी होगी।

पांचवी टीम के अध्यक्ष एडीएम होंगे, इस टीम में पांच सदस्य नामित किए गए हैं। यह टीम गेहूं खरीद और किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी। पशु आश्रय स्थलों में भूसा चारा की व्यवस्था देखेगी। कालाबाजारी पर रोक लगाने की जिम्मेदारी रहेगी। इसी तरह चार अन्य टीमों का भी गठन किया गया है, जिनको अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

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