जिला प्रशासन खबरदार : गौशालाओं में हाहाकार!

cow
विनोद मिश्रा
बांदा।
कई दिनों से हो रही लगातार बारिश और रविवार को जबरदस्त ओलावृष्टि गोवंशों पर भारी पड़ी। गोशालाओं में सरकारी इंतजामों के दावे धरे रह गए। ठंड में ऐंठ कर कई गायों की मौत हो गई।हाहाकार सा मचा है। दो अस्थार्यी गोशालाओं से अन्ना गायों को देर रात छोड़ दिया गया। एक गोशाला में कंपकंपाती गायों को हटवाकर परिषदीय कंपोजिट स्कूल में रखा गया है।
महुआ ब्लाक के तिंदुही और रहूसत गांवों की अस्थाई गोशाला में करीब तीन महीनों से बंद लगभग एक सैकड़ा अन्ना गायों को बीती रात छोड़ दिया गया। बारिश और ओला में ठिठुर जाने से कई गायों की मौत हो गई। ग्राम प्रधान गुडिय़ा और सचिव लाल बाबू का कहना था कि चारा पूरी तरह से भीग गया था। ठंड में मजबूरन गोवंश को छोड़ना पड़ा। किसान उमाकांत शुक्ल ने इसकी शिकायत ट्वीट करके की है।
बिसंडा ब्लाक के सिंहपुर की अस्थाई गोशाला में रविवार को ठंड और बारिश से कई गायों की मौत हो गई। इन्हें ग्राम पंचायत ने आनन-फानन जेसीबी से गोशाला के नजदीक ही गड्ढा खुदवाकर दफन करवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना कई गोवंश मर रहे हैं। तिंदवारी क्षेत्र की 44 अस्थायी और स्थायी गोशालाओं में लगभग साढ़े 6 हजार गोवंश बंद हैं। बारिश और ठंड में इनके हाल बुरे हैं। बंबियां गांव में गोशाला के निरीक्षण को पहुंचे एडीओ (पंचायत) मनोज झा ने गायों को बारिश में कंपकंपाते देखा तो तत्काल प्रधान व सचिव को बुलाकर गांव के सरकारी कंपोजिट स्कूल में भिजवा दिया। वहां अलाव जलवाया और चारा-भूसा का इंतजाम कराया। लापरवाही करने वालों को चेतावनी दी।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें, साथ ही ताज़ा अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर हमें फॉलो करें।

From around the web