डीएम अनुराग आश्चर्य से हैरान : खंड विकास अधिकारी हैं नाकाम!

 
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विनोद मिश्रा
बांदा।
जिले में मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरणका कार्य बेहाल है। इसपर डीएम अनुराग खंड विकास अधिकारियों से हैरान और नाराज हैं। उन्होने संबंधित अधिकारियों पर सख्ती का मूड बनाया हैं। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की गति से काम चला तो कड़ी प्रशासनिक कार्यवाई करेगे। 

श्रम विभाग कई कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है। इनका लाभ पाने के लिए विभाग में पंजीकरण जरूरी है। जिले में अभी तक 90 दिन का कार्य पूर्ण करने वाले करीब 50 फीसद श्रमिकों का ही पंजीकरण हो पाया है। ब्लाकवार स्थिति देखें तो तिदवारी, नरैनी व जसपुरा सबसे फिसड्डी हैं।
मनरेगा में हर वर्ष हजारों श्रमिकों को काम दिया जाता है। योजना से जल व पर्यावरण संरक्षण सहित विकास के कई कराए जा रहे हैं। योजना के श्रमिकों को सरकार रोजगार देने के साथ ही कई सुविधाओं से लाभान्वित करती है। इसके लिए 90 दिन का कार्य पूर्ण करने वाले श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराना पड़ता है। 
वित्तीय वर्ष 2021-22 में 6490 मनरेगा श्रमिकों को 90 दिन का रोजगार पूरा कराया गया है। इन श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जा रहा है। लेकिन वित्तीय साल के छह माह बीत गए, अभी तक करीब 50 फीसद श्रमिकों का ही पंजीकरण हो पाया है। पंजीकरण के लिए विभाग ने ब्लाकवार लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें सभी आठ ब्लाकों को शत-प्रतिशत पंजीयन नहीं हो पाया है।
मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक पंजीयन कराने में तीन ब्लाक फिसड्डी हैं। इनमें तिदवारी ने 1793 के सापेक्ष महज 234, नरैनी ब्लाक ने 646 में 296 व जसपुरा ब्लाक में 598 में 173 श्रमिकों का ही पंजीयन कराया है। इस लापरवाही पर डीएम अनुराग नाराज हैं। सभी खंड विकास अधिकारियों से शीघ्र लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

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