बालू के अवैध खनन पर संसद में गर्जना करेंगे पूर्व मुख्यमंत्री, केन खदानों का लिया जायजा!

 
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विनोद मिश्रा
बांदा।
बालू के अवैध खनन का मामला संसद में गूंजेगा। भाजपा इस मुद्दे से बेखबर और कांग्रेस बाखबर है।राज्य सभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीमावर्ती खदानों में भ्रमण के बाद यह एलान किया है।आश्चर्य जताया की यूपी के बुंदेलखंड के सांसद खामोश क्यों हैं। चिंता जताया की गोचर को भी नहीं बख्शा गया, इसे भी खोद फेंका। बुंदेलखंड को बालू माफिया खोखला करके लूट रहे हैं।

बांदा जिले की सरहद से जुड़े मध्य प्रदेश के छतरपुर, पन्ना, सतना आदि जिलों में सीमावर्ती खदानों में अरसे से बड़े पैमाने पर वैध-अवैध खनन हो रहा है। दोनों सूबों में यह राजनीति का मुद्दा भी बनता रहा है। केन नदी के उस पार एमपी की खदानाें से भारी पैमाने पर रोजाना खनन से सैकड़ों बालू के ट्रक बांदा सहित यूपी के तमाम जिलों से गुजर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा राज्य सभा सांसद  दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सीमावर्ती केन नदी की खदानों में पहुंचकर जायजा लिया। गांवों में अवैध खनन को देखा। कहा कि बुंदेलखंड में हो रहा अवैध खनन चिंताजनक है। यह मुद्दा वह राज्य सभा में उठाएंगे। इसमें किसानों को हो रहे नुकसान की बात भी शामिल रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की जमीनों पर भू-माफिया जबरन खनन कर रहे हैं। सैकड़ों बीघा गोचर को खोद डाला है। बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। हरे-भरे पेड़ाें को काट दिया गया है। इसमें शासन के साथ स्थानीय प्रशासन की भी मिलीभगत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां खनन हो रहा है, वहां के स्थानीय विधायक सत्ता पक्ष के हैं। खनन और बालू ट्रक निकालने के लिए उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले रास्ते खोदे गए हैं।  यह मुद्दे वह राज्य सभा में उठाएंगे। 

 

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