396 पंडालों में विराजमान हुई माँ शक्ति स्वरूपा, बहने लगी भक्ति की बयार

 
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बुलबुल पाण्डेय

गाजीपुर।  शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने विशेष आयोजन किए। इस दौरान महागौरी की आराधना की गई। शहर व ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में सुबह से देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चला।

गुरुवार नवमी को लोग व्रत तोड़ेंगे। उधर, दुर्गा पंडालों को भक्तों की भीड़ लगी रही। शाम को पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ पड़ी। पूरी रात तक पंडालों में जमघट रही। प्रमुख स्थलों पर फोर्स तैनात है.

घंट-घड़ियाल की गूंज के बीच रह-रह कर 'जय माता दी' और 'शेरे वाली मां की जय' के जयकारे भी लगे रहे थे। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ समाज में सुख-शांति की कामना की। लोगों ने कुंआरी कन्याओं को भोजन कराने के साथ साम‌र्थ्य के मुताबिक दक्षिणा आदि देकर पूजन भी किया।

मुहम्मदाबाद नगर के महाकाली मंदिर परिसर यूसुफपुर, तहसील परिसर स्थित मां मनोकामना देवी मंदिर, सलेमपुर मोड़, नवापुरा मोड़ मां दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी भवानी मंदिर में दर्शन पूजन के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी लगे रहे। मलसा : दुर्गा मंदिर ताड़ीघाट मेदनीपुर, ढढनी चंडी माता मंदिर, सिद्धेश्वर शक्तिपीठ देवरिया, नवदुर्गा मंदिर भगीरथपुर आदि शक्ति दुर्गा मंदिर रामपुर मलसा पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही । गांव स्थित दिव्य राधा माधव ट्रस्ट में अखंड संगीतमयमानस पाठ चल रहा है जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल रहे. शहर के भी तकरीबन सभी इलाकों मे बने पंडालों मे मा की प्रतिमा स्थापित हो गयी है.

जमानिया तहसील के गहमर मे मां कामाख्या देवी शक्ति पीठ व मंदिरों को बड़े ही सुंदर ढंग से फूलों अन्य साजो-सामान से सजाया गया है अष्टमी के दिन महिलाओं ने अपने सुहाग की रक्षा के लिए देवी मां को चुनरी भेंट की।

मां महागौरी का ध्यान, स्मरण, पूजन-आराधना भक्तों के लिए सर्व-विध कल्याणकारी है। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। मन को अनन्य भाव से एकनिष्ठ कर मनुष्य को सदैव देवी के स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। महागौरी भक्तों का कष्ट अवश्य ही दूर करती हैं। इनकी उपासना से भक्तों के असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। जिले में 396 स्थानों पर बने हैं दुर्गा पंडाल.

जिले में करीब 396 स्थानों पर दुर्गा पंडाल बनाए गए हैं जिसमें दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गईं हैं। जिले के कमोवेश अधिकतर गांव एवं बस्तियों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती हैं। अष्टमी व नवमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। कुछ लोग दशमी को प्रतिमा का विसर्जन करते हैं तो कुछ लोग दशमी के एक दिन बाद। कुल मिलाकर दुर्गा पूजा को लेकर लोग उत्साहित हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने व पंडालों के चलते रास्ता न बाधित हो इस बात का ध्यान पुलिस के लोग रखे हुए हैं।

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