प्रकाश ने किया खबरदार : खादों की कमी पर नहीं बख्शे जाएंगे जिम्मेदार!

 
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विनोद मिश्रा
बांदा।
जिले में रबी की फसलों के लिये खाद की उपलब्धता पर संकट के बादल हैं और कृषि बिभाग "करनी विहीन" है। इस पर सदर विधायक प्रकाश दिवेदी ने संबधित अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि खाद की कमी होने परव ह अधिकारियों को बख्शेगे नहीं। शासन से दंडित करायेंगे। किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में परेशानी कदापि क्षम्य नहीं होगी।

इस वर्ष करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेअर में रबी फसल की बोआई होनी है। इसके लिए किसानों ने तैयारियां शुरू कर दी है।विधायक प्रकाश को किसानों नें बताया की विभागीय स्तर पर खाद-बीज को लेकर इस बार भी लापरवाही है। ऐसे में रबी की बोआई में डीएपी व यूरिया का संकट होगा। इस समय लक्ष्य का 20 फीसद भी खाद उपलब्ध नहीं है। जबकि अधिकारी खाद पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं।

जनपद में कृषि विभाग की ओर से करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं सहित दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन फसलों की बुवाई के समय से लेकर टाप ड्रेसिग आदि में पूरे समय खाद की जरूरत पड़ेगी। रबी सीजन में 28 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद और 16 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत है। इसके सापेक्ष  4963.725 एमटी यूरिया और 4284.910 मीट्रिक टन डीएवी यहां गोदामों व बिक्री केंद्रों पर है। वहीं एनपीके खाद 800 मीट्रिक की जरूरत है। इसके सापेक्ष विभाग के 111.89 एमटी एनपीके मौजूद है। एमओपी 100 मीट्रिक टन के सापेक्ष 40.50 और एसएएसपी 500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 48 एमटी है। 

इधर अब किसान बोआई की तैयारियां कर रहे हैं। नवंबर माह से खाद को लेकर जिले में मारामारी शुरू हो जाएगी। हालत यह है की जिले में जरूरत के सापेक्ष करीब 20 से 25 फीसद खाद उपलब्ध है। 

इसी स्थिति पर सदर विधायक प्रकाश नें चेताया है की अधिकारी सतर्क रहें। यह दावा न करें कीरहे खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, ऐन मौके पर किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ता है। 

जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार का दावा हैं की फिलहाल गोदाम और राजकीय बिक्री केंद्रों पर यूरिया और डीएपी सहित अन्य खाद उपलब्ध है। आगे खपत के हिसाब से खाद की अगली खेप भी आ जाएगी।

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