विधानसभा चुनाव की "आहट" डीएम अनुराग द्वारा समीक्षाओं की "तड़तड़ाहट"

 
banda

विनोद मिश्रा
बांदा।
विधानसभा चुनाव की आहट और सरकारी योजनाओं को चुनाव पूर्व पूरा कराने का शासन का दबाव प्रशासन की नींद उड़ाए हैं। विकास कार्यों की समीक्षा बैठको की "तड़तड़ाहट" हैं। बैठकें रोजाना लगभग एक नहीं अनेक बार होती हैं। आकड़े और निर्देश की चाशनी में बैठकें निपटती रहती हैं। प्रशानिक अधिकारी शहर में झाड़ू भांज मीडिया में फोटो खिचवाने को मजबूर हैं। विकास की तेज गति का राग अलापना डीएम अनुराग साहब की मजबूरी है!जिलाधिकारी की अध्यक्षता में  विभिन्न योजनाओं को पूर्ण अथवा बता दूँ की आगामी 2 माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं के संबंध में कार्यदाई संस्थाओं पर लगाम कसी जाती हैं।

मुख्य विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,उप जिलाधिकारी गण,खंड विकास अधिकारियों, पंचायत विभाग आदि की शामत हैं।

फिलहाल ताजी समीक्षा की हालत में कुल 33 कार्य ऐसे मिले जिसमें से 9 पूर्ण हैं। 12 कार्य 31 अक्टूबर तक, 8 कार्य नवंबर तक पूरे होने की उम्मीद हैं। शेष 4 कार्य 15 दिसंबर तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद संजोये हैं।

जिलाधिकारी की एक परेशानी यह भी हैं की यह सारे कार्यकमों का लोकापर्ण मुख्य मंत्री को करना हैं। अगले माह के अंत तक उनका संभावित दौरा हैं। प्रशासन यह सोचने को मजबूर हैं की "राम जाने क्या होगा, अल्ला जाने क्या होगा"?

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