बालू माफियाओं के हौसले बुलंद : "सईयां भये थानेदार भय काहे का", किसानों का प्रदर्शन!

 
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विनोद मिश्रा
बांदा।
बालू माफियाओं और पुलिस की गलबहियां किसानों के लिये खलनायक बन गई हैं। अपने खेतों से बालू भरे ट्रक न निकलने देने पर पुलिस नें किसानों के विरुद्ध 107/17का मुकदमा कायम कर दिया। इसके विरोध में किसान लामबंद हो सपरिवार तहसील में प्रदर्शन कर जमानत कराईऔर ज्ञापन दिया। न्याय की गुहार लगाई।

मामला थाना मटौंध क्षेत्र के ग्राम मरौली का हैं। यहां किसानों की जमीन से  खंड चार और खंड छह वाले बालू माफिया जबरन रास्ता बनाकर बालू भरे ट्रकों का दबंगई से अवैध परिवहन करने लगे। गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों नें विरोध स्वरूप अपने खतों में बांस बल्लिया गाड कर रास्ता रोका। पुलिस को भी सूचना दी। परिणाम न्याय मिलने की बजाय डेढ़ दर्जन ग्रामीणो के विरुद्ध 107/17 के तहत मुकदमा कायम कर दिया गया।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले राजस्व विभाग की टीम नें मौके पर पैमाइश की तो नाप किसानों के पक्ष में गई, पर मटौंध थाना प्रभारी अरविंद सिंह गौर की माफियाओं के प्रति कथित मेहरबानियां संबंधित बालू खंड खदान वालों के हौसले बुलंद किये हैं। किसानों के हितों पर बुलडोजर चल रहा है। किसानों के लिए कहावत बन गई है माफियाओं के "सैंया भये थानेदार अब डर काहे का"।

 

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