ऋषिकेश एम्स में नवनिर्मित पीडियाट्रिक आईसीयू का मुख्यमंत्री धामी ने किया उद्घाटन

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ऋषिकेश एम्स में नवनिर्मित पीडियाट्रिक आईसीयू का मुख्यमंत्री धामी ने किया उद्घाटन

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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नवनिर्मित पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) का शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स की आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि समीपवर्ती अन्य प्रदेशों के मरीजों को भी उपचार मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स संस्थान राज्य के मेडिकल कॉलेजों के विकास में भी अपनी महती भूमिका निभाएगा।

शुक्रवार को एम्स के बाल रोग विभाग के 16 बेड के पीडियाट्रिक पल्मोनरी एवं इन्टेंसिव केयर यूनिट का मुख्यमंत्री धामी ने विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एम्स उत्तराखंड ही नहीं, आसपास के उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के मरीजों के सफल उपचार का भी सबसे प्रमुख केंद्र है, जहां लोगों को विश्वसनीय इलाज मिलता है। उन्होंने बताया कि एम्स चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य करने के साथ ही हर रोज हजारों लोगों को ओपीडी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उधमसिंह नगर में एम्स के कुमाऊं कैंपस की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं में एम्स के सैटेलाइट सेंटर की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने एम्स ऋषिकेश को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई है। इससे कुमाऊं मंडल व उप्र के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को चिकित्सा सुविधा मुहैया हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में हमारे लिए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौती साबित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में एम्स संस्थान संरक्षक की भूमिका निभाएगा। चिकित्सा क्षेत्र में सफलता के लिए एक चिकित्सक की बेहतर शिक्षा के साथ ही उसका व्यवहार कुशल होना भी जरूरी है।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि एम्स ऋषिकेश का कुमाऊं कैंपस जल्द ही कुमाऊं मंडल के लोगों को सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराएगा। इसके लिए उधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में सतत कार्य कर रहा है और जल्द एम्स चिकित्सा के क्षेत्र में शिखर पर होगा। उन्होंने कहा कि संस्थान देश के नागरिकों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कृत संकल्पित है और इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

प्रो. सिंह ने कहा कि संस्थान में पीडियाट्रिक पल्मोनरी एवं इन्टेंसिव केयर यूनिट के शुभारंभ होने से मरीजों के साथ-साथ डीएम कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को भी मदद मिलेगी।

पीडियाट्रिक पल्मोनरी एंड इन्टेंसिव केयर यूनिट (पीकू) के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत बट ने बताया कि इस नई यूनिट में कुल 16 बेड की सुविधा है। यूनिट में एक माह से अधिक और 18 साल से कम उम्र के उन बच्चों को भर्ती करने की सुविधा है, जो विभिन्न प्रकार की गंभीर किस्म की बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई यूनिट में 8 इन्टेंसिव केयर बेड, 6 हाई डिपेन्डेंसी यूनिट (एचडीयू) बेड और 2 आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं।

संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में संस्थान की ओर से कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन प्रो. मनोज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव मित्तल व डीन एग्जाम प्रो. जया चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री धामी, वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री सुबोध उनियाल व ऋषिकेश मेयर अनीता ममगाईं को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।