'भिक्षा नहीं, शिक्षा दें' अभियान फिर से चलेगा

डंके की चोट पर 'सिर्फ सच'

  1. Home
  2. Uttrakhand

'भिक्षा नहीं, शिक्षा दें' अभियान फिर से चलेगा

pic


देहरादून। बच्चों से करायी जा रही भिक्षावृत्ति की प्रभावी रोकथाम और भिक्षा न दिये जाने के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने पुलिस ने समस्त जनपदों में 30 सितम्बर से 'ऑपरेशन मुक्ति' अभियान चलाया जाएगा। इसकी थीम है 'भिक्षा नहीं, शिक्षा दें'।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने और उनके पुनर्वास के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को यह अभियान चलाया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस मित्रता, सेवा और सुरक्षा के स्लोगन को चरितार्थ करने के लिए पुलिस महकमे में वर्ष 2017 में 'ऑपरेशन मुक्ति' का एक अभिनव प्रयोग किया था। आर्थिक रूप से निर्बल, बेसहारा बच्चों को भिक्षावृत्ति के मार्ग से निकालकर शिक्षा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने की पहल की। इस मिशन को 'ऑपरेशन मुक्ति' का नाम दिया गया। तब से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत अभी तक भिक्षावृत्ति से हटाकर कुल 1430 बच्चों का स्कूल/डेकेयर होम में दाखिला कराया गया है।

ऑपरेशन मुक्ति अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों व उनके परिवारों का पूर्ण विवरण संलग्न प्रारूप में तैयार करना तथा ऐसे बच्चे जिनका विद्यालयों/डे केयर में दाखिला किया जाना है, का चिह्नित करण करना शामिल है। दूसरे चरण में समस्त स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, महत्वपूर्ण चौराहों, सिनेमाघरों, बस व रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर बच्चों को भिक्षा न दिये जाने के सम्बन्ध में बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक, लाउडस्पीकर व सोशल मीडिया आदि के माध्यमों से जागरुकता अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया जाएगा।

तीसरे चरण में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके तथा उनके माता-पिता की कॉउन्सलिंग कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके माता-पिता को रोजगार दिलाने का प्रयास करना। बच्चों के पुन: भिक्षावृत्ति में लिप्त पाये जाने पर उनके माता/पिता के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई करना और किसी भी प्रकार का संदेह होने पर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।

अभियान के अन्तर्गत जनपद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल में चार टीमों (उपनिरीक्षक-1, आरक्षी-4) का गठन किया गया है। शेष जनपदों में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा उक्त अभियान को चलाया जा रहा है। रेलवेज में भी एक टीम का गठन किया गया है।